सोमवार, 12 अक्तूबर 2009

कौन है वह?

चतुर-चंचल चाँदनी से
पूछ अपनी राह
पवन पागल आज आधी रात
ढूंढता सा है किसी को
वारि में
वन में
पुलिन पर
व्योम में भी
कौन है वह
कर रहा
चुपचाप
प्रिय से घात???
(हिन्दुस्तान में प्रकाशित)
वीरेन्द्र वत्स

6 टिप्‍पणियां:

महफूज़ अली ने कहा…

व्योम में भी
कौन है वह
कर रहा
चुपचाप
प्रिय से घात???

BAHUT HI ACHCI PANKTIYAN........

KAVITA ACHCHI LAGI.......

hINDUSTAN MEIN PRAKAASHIT HONE KE LIYE DHERON BADHAI APKO........

Rajey Sha ने कहा…

कौन है वह?
नि‍श्‍ि‍चत ही वत्‍स ही आप तो जानते ही हैं, इसलि‍ए उस पर कवि‍ता कर रहे हैं।

चंदन कुमार झा ने कहा…

प्रिय से घात???

बहुत ही सुन्दर रचना , पढ़कर अच्छा लगा ।

विजयप्रकाश ने कहा…

अत्यंत सुन्दर कल्पना है.

Mithilesh dubey ने कहा…

बहुत ही सुन्दर रचना,,,,,,,,,,,,

hitesh ने कहा…

kamal ki kalpna ki hai. bahut sunder.