गुरुवार, 31 दिसंबर 2009

नया वर्ष नई मंजिलें

चलें आप सूरज के रथ पर
बनें उजाले के प्रतिमान;
घर-आँगन खुशियों से भर दे
नए वर्ष का स्वर्ण विहान.

नए साल में नई मंजिलें
कदम आपके चूमें,
भाग्य-लक्ष्मी की बाहों में
आप खुशी से झूमें.
-वीरेन्द्र वत्स

7 टिप्‍पणियां:

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये.
सुख आये जन के जीवन मे यत्न विधायक हो
सब के हित मे बन्धु! वर्ष यह मंगलदयक हो.

(अजीत जोगी की कविता के अंश)

संगीता पुरी ने कहा…

आपके और आपके परिवार वालों के लिए भी नववर्ष मंगलमय हो !!

योगेश स्वप्न ने कहा…

aap bhi.

hitesh ने कहा…

aap ko bhi naye saal ki hardik subhkamnayen.

hitesh ने कहा…

aapko naye saal ki hardik subhkamnayen.

hitesh ने कहा…

aapko bhi naye saal ki hardik subhkamnayen.

Ajayendra Rajan ने कहा…

bhaisaab ko namaskar...apka blog dekha achcha laga...miltey rahenge..fursat mile to hamarey ghar bhi aayein...address hai ajayendra.blogspot.com